Friday, 16 January 2015

SAD LOVE



बहुत कोशिश कर चुका हूँ भूलने की तुझको ,
पर मेरे लबों पे तेरा नाम आज तक रहता है …

हर पल अपने होठों पे मुस्कुराहट रखी है मैंने ,
पर तेरे जाने का दर्द आज भी इन आँखों में दिखता है …

जाने कितने ही हसीन चेहरे देख चुका हूँ मैं ,
पर तेरे चेहरे का नूर आज भी इन आँखों में बसता है …

चाहे लाख बार नजर फेर ले तू मुझसे , पर 
मोहब्बत जो इक नजर मे की थी,ये दिल आज तक करता है ।।    

Monday, 12 January 2015

EXTREME LOVE.....


आज तुझसे एक बात कहना चाहता हूँ ,
 अपने प्यार की हर हदों को तोडना चाहता हूँ … 
बहुत रातें गुजार ली है तेरी यादों में मैंने ,
आज तेरे आँचल में सो जाना चाहता हूँ ।। 



 एक तेरी खुशी में,मैं आँसुओ में भी मुस्कुराने को तैयार हूँ  ,
एक तेरी मुस्कुराहट में,अपने हर गम भुलाने  को तैयार हूँ …
 तू बस अपनी जिन्दगी का एक पल मुझ पर मेहरबान कर दे ,
 मैं पूरी जिन्दगी तुझ पर कुर्बान करने को तैयार हूँ  ।।  

Tuesday, 9 September 2014

FOR & AGAINST




क्यों इस दिल को किसी की तालाश होती है … 
क्यों इस दिल को किसी की आस होती है ,
उस चाँद को देखो वो भी तो कितना तन्हा है … 
जबकि हर रोज चांदनी  से उसकी मुलाकात होती है।। 




इस दिल को किसी की भी तलाश नहीं होती है … 
ना ही इस दिल को किसी की आस होती है ,
अगर कोई कहे कि चाँद कितना तन्हा है … 
तो मैं नहीं मानती उस चाँद की तन्हाई को … 
क्योंकि चांदनी तो हर वक़्त उसके साथ होती है।। 

Saturday, 6 September 2014

RAAJ - E - MOHABBAT



कुछ उनकी वफाओं ने लूटा मुझको … 
कुछ उनकी अदाएं मार गई ।। 

हम राज -ऐ -मोहब्बत कह ना सके … 
चुप रहने की आदत मार गई ।। 

दिल ने बहुत मजबूर किया …  
मिलने  भी लाखों  बार गये ।।  

जी भर के उन्हें ना देख सके…  
आँखों की शराफत मार गई ।।  

Wednesday, 3 September 2014

GOODBYE FOREVER...



जिसपे किया था भरोसा,
उसी से ठोकर खाई है …
यूँ तो जिन्दगी हादसों से भरी है ,
पर सबसे बड़ा हादसा तेरी बेवफाई है ।। 

ये नसीब नसीब की बाते है ,
किसको क्या मिला … 
आज मेरे घर मातम ,
और तेरे घर शहनाई है ।।  

जुदाई सहते सहते ,
कफन से मोहब्बत कर ली है … 
अब क्या फर्क पड़ता है ,
तेरी शादी है या सगाई है ।। 

जमघट है लोगो का ,
तेरे घर भी और मेरे घर भी … 
उधर तेरी डोली ,
इधर मेरी अर्थी सजाई है ।। 

चार कंधो पर तू जाएगी ,
चार ही कंधो पर मैं… 
तेरी तो ये पहली ,
पर मेरी आखरी विदाई है ।।  

Friday, 29 August 2014

MOHABBAT KE PAR



                      मैं मोहब्बत के पर लगाउँगा … 
                                                      एक दिन तुझे ढूंढ ही लाऊँगा ।।


               तू खफा है तो खफा ही सही …

                                                     मैं तो हर हाल में रिश्ता निभाउंगा ।।


               मैं मुसाफिर तो दूर का हूँ  …

                                                     पर मैं लौट कर भी आऊँगा ।।


               लोग ग़ालिब के शेर गुनगुनाते हैं …

                                                       मैं तेरा ही नाम गुनगुनाउँगा ।।


               अपने आंसुओं में भी … 

                                                      हर पल तुझे हँसाऊँगा ।।


               तेरे लिये ही जीता आया हूँ …

                                                       अब तेरे लिये ही मर जाऊँगा ।। 
  

   

Thursday, 28 August 2014

LOVE AND WAR



फैसला जो कुछ भी हो मंजूर होना चाहिये  … 
जंग हो या इश्क़ हो भरपूर होना चाहिये ।। 


भूलना भी है जरुरी याद रखने के लिये … 
पास रहना है तो थोड़ा दूर होना चाहिये ।।  


सिर्फ होठों से ही प्यार का इजहार नहीं होता …
आपकी आँखों में भी प्यार का नूर होना चाहिये ।। 


एक उम्र कट चुकी है मेरी पत्थर तोड़ते तोड़ते … 
अब तो मेरे हाथों में कोहिनूर होना चाहिये ।।