Friday, 29 August 2014

MOHABBAT KE PAR



                      मैं मोहब्बत के पर लगाउँगा … 
                                                      एक दिन तुझे ढूंढ ही लाऊँगा ।।


               तू खफा है तो खफा ही सही …

                                                     मैं तो हर हाल में रिश्ता निभाउंगा ।।


               मैं मुसाफिर तो दूर का हूँ  …

                                                     पर मैं लौट कर भी आऊँगा ।।


               लोग ग़ालिब के शेर गुनगुनाते हैं …

                                                       मैं तेरा ही नाम गुनगुनाउँगा ।।


               अपने आंसुओं में भी … 

                                                      हर पल तुझे हँसाऊँगा ।।


               तेरे लिये ही जीता आया हूँ …

                                                       अब तेरे लिये ही मर जाऊँगा ।। 
  

   

Thursday, 28 August 2014

LOVE AND WAR



फैसला जो कुछ भी हो मंजूर होना चाहिये  … 
जंग हो या इश्क़ हो भरपूर होना चाहिये ।। 


भूलना भी है जरुरी याद रखने के लिये … 
पास रहना है तो थोड़ा दूर होना चाहिये ।।  


सिर्फ होठों से ही प्यार का इजहार नहीं होता …
आपकी आँखों में भी प्यार का नूर होना चाहिये ।। 


एक उम्र कट चुकी है मेरी पत्थर तोड़ते तोड़ते … 
अब तो मेरे हाथों में कोहिनूर होना चाहिये ।। 

Monday, 25 August 2014

WO KAHTE HAIN...



वो कहते हैं  … 
आप किसी से मोहब्बत नहीं कर सकते  ,
हम कहते हैं  … 
हमारी तो किसी से दुश्मनी ही नहीं ।। 


वो कहते हैं  … 
आपकी आँखों मैं किसी के लिये भी आँसू नहीं आते  ,
हम कहते हैं  … 
इन आँखों में समन्दर के सिवा कुछ है ही नहीं ।। 


वो कहते हैं  … 
आपका दिल किसी के लिये नहीं धड़कता  ,
हम कहते हैं  … 
ये दिल तो धड़कने के सिवा कुछ जानता ही नहीं ।। 


वो कहते हैं  … 
इस जहाँ में कोई भी आपका नहीं हो सकता  ,
हम कहते हैं  …  
शायद इस जहाँ में कोई खुशनसीब ही नहीं ।। 

Sunday, 24 August 2014

KUCH TUM THE BHULE BHULE SE...




कुछ तुम थे भूले भूले से  …  
कुछ मैं थी अपनी उलझन में ।।  

उधर कहीं पर प्यार सिमट कर  ,
कब का बिखर गया पलछिन (आसमान ) में ।।  

ढूंढ रहे थे तुम जिसको  ,
आतुर थी मैं भी पाने को  … 

वो प्यार निकट से निकल गया , 
हम रहे देखते उनमन (बिना मन )से ।।  

कुछ तुम थे भूले भूले से … 
कुछ मैं थी अपनी उलझन में ।।  

Saturday, 23 August 2014

GALTI SIRF MERI NAHI THI...



        गलती  सिर्फ मेरी नहीं थी …
      कुछ तो गुस्ताकी है तेरी आँखों में , 
       कि जब भी देखती हूँ  … 
       खो जाने को जी चाहता है ।।  





         गलती  सिर्फ मेरी नहीं थी …
       कुछ तो गुस्ताकी है तेरी मुस्कुराहट में  ,
       कि चाहे  जितनी बार भी रो लु  … 
       एक तेरी हँसी में  ,
       फिर से मुस्कुराने को जी चाहता है ।। 




       गलती  सिर्फ मेरी नहीं थी  … 
       कुछ तो गुस्ताकी है तेरे छूने में  , 
       कि जब भी दूर जाती  हूँ  ... 
       फिर से पास आने को जी चाहता है ।।  

      गलती  सिर्फ मेरी नहीं थी  … 
      कुछ तो गुस्ताकी है तेरे गुस्से में  ,

      कि जितनी बार सुधरने की कोशिश करू  … 
      उतनी बार गलती करने को जी चाहता है ।।  


    
      गलती  सिर्फ मेरी नहीं थी  … 
      कुछ तो गुस्ताकी है तेरी बातों में  ,
      कि जितनी बार बात करती हूँ  … 
      उतनी बार प्यार करने को जी चाहता है  ।। 


     गलती  सिर्फ मेरी नहीं थी  … 

Wednesday, 20 August 2014

YOUR ALCOHOLIC EYES


 

           love
           starts
           from
           eyes



महखाना तूने अपनी आँखों में छुपा रखा है  … 

और पागल होने का इल्जाम मुझ पर लगा रखा है


कोई कैसे नज़रे हटा सकता है इन आँखों से  … 

बिना जाम के दीवाना बना रखा है ।।  


मन तो नही करता तुमसे इतना प्यार करने का  … 

पर क्या करू इन गुलाबी आँखों ने फसा रखा है ।।  


Tuesday, 19 August 2014

A ROMANTIC MOMENT ON STATION





देख ले आज जितना देखना है मुझे … 
हम फिर ये चेहरा दिखाने ना आयेंगे ।।  

रो ले आज जितना रोना है लिपट कर हमारे …  
हम फिर इन आंसुओ को पोंछने ना आयेंगे ।। 

उतार ले आज सारा प्यार इन आँखों में  … 
हम फिर इन आँखों की गहराई में डूबने ना आयेंगे ।। 

आजा आज जितना करीब आ सकता है  … 
हम फिर इन  दूरियों को  मिटाने ना आयेंगे ।। 

पिला दे आज जितना पिला सकता है  … 
हम फिर इन होठों का जाम पीने ना आयेंगे ।। 

समेट ले आज जितना समेट सकता है … 
हम फिर इन बाहों में सिमटने ना आयेंगे ।। 

तोड दे प्यार की हर हदो को आज … 
हम फिर इतना प्यार करने ना आयेंगे ।।  

Monday, 18 August 2014

AANCHAL



नफरत हि करनी है तो कर लो इस आँचल से …
पर किसी और के आँचल से प्यार कर पाओगे कैसे ।। 

रुलाना ही चाहते  हो तो रुला दो इस आँचल को…
पर किसी और के आँचल  से आंसू पोंछ  पाओगे कैसे ।। 

भुलाना हि चाहते हो तो भुला दो इस आँचल को …  
पर किसी और के आँचल में रह पाओगे कैसे ।। 

मारना हि चाहते हो तो मार दो इस आँचल को  …  
पर किसी और के आँचल में जी पाओगे कैसे ।। 

और आँचल के बिना मर पाओगे कैसे …