love
starts
from
eyes
महखाना तूने अपनी आँखों में छुपा रखा है …
और पागल होने का इल्जाम मुझ पर लगा रखा है
कोई कैसे नज़रे हटा सकता है इन आँखों से …
बिना जाम के दीवाना बना रखा है ।।
मन तो नही करता तुमसे इतना प्यार करने का …
पर क्या करू इन गुलाबी आँखों ने फसा रखा है ।।
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