देख ले आज जितना देखना है मुझे …
हम फिर ये चेहरा दिखाने ना आयेंगे ।।
रो ले आज जितना रोना है लिपट कर हमारे …
हम फिर इन आंसुओ को पोंछने ना आयेंगे ।।
उतार ले आज सारा प्यार इन आँखों में …
हम फिर इन आँखों की गहराई में डूबने ना आयेंगे ।।
आजा आज जितना करीब आ सकता है …
हम फिर इन दूरियों को मिटाने ना आयेंगे ।।
पिला दे आज जितना पिला सकता है …
हम फिर इन होठों का जाम पीने ना आयेंगे ।।
समेट ले आज जितना समेट सकता है …
हम फिर इन बाहों में सिमटने ना आयेंगे ।।
तोड दे प्यार की हर हदो को आज …
हम फिर इतना प्यार करने ना आयेंगे ।।

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