Monday, 18 August 2014

AANCHAL



नफरत हि करनी है तो कर लो इस आँचल से …
पर किसी और के आँचल से प्यार कर पाओगे कैसे ।। 

रुलाना ही चाहते  हो तो रुला दो इस आँचल को…
पर किसी और के आँचल  से आंसू पोंछ  पाओगे कैसे ।। 

भुलाना हि चाहते हो तो भुला दो इस आँचल को …  
पर किसी और के आँचल में रह पाओगे कैसे ।। 

मारना हि चाहते हो तो मार दो इस आँचल को  …  
पर किसी और के आँचल में जी पाओगे कैसे ।। 

और आँचल के बिना मर पाओगे कैसे … 

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